Patal Bhuvaneshwar cave temple : उत्तराखंड में स्तिथ है ऐसी गुफा जहाँ छिपा है दुनिया का अंत, पढ़े पूरी खबर

Patal Bhuvaneshwar cave temple : उत्तराखंड राज्य देवों की वो भूमि है जहां भगवान विष्णु ने विश्राम करने के लिए बद्रीनाथ धाम चुना था । उत्तराखंड राज्य में वैसे तो कई प्राचीन कहानियों से जुड़े मंदिर है लेकिन यहां एक गुफा ऐसी भी है जहां दुनिया का अंत छिपा हुआ है । आपको बता दें यह गुफा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है, जी हां यहां पाताल भुवनेश्वर गुफा नाम से एक प्राचीन मंदिर स्थित है । गौर करने वाली बात यह है इस मंदिर का जिक्र पुराणों में भी किया गया है । ऐसी मान्यता है कि इस गुफा के गर्भ में दुनिया के खत्म होने का राज छिपा हुआ है और ऐसा क्यों माना गया है ये आज आपको हम बताएंगे ।

Patal Bhuvaneshwar cave temple : राजा सूर्यवंश ने की थी गुफा की खोज

कहा जाता है की पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर की खोज सूर्य वंश के राजा और त्रेता युग में अयोध्या पर शासन करने वाले राजा ऋतुपर्णा ने की थी । इस गुफा में ही राजा ऋतुपर्णा की मुलाकात नागों के राजा अधिशेष से हुई थी । नागों के राजा अधिशेष ही ऋतुपर्णा को गुफा के अंदर ले गए, और कहा ये भी जाता है कि यहां ऋतुपर्णा को देवी देवताओं के साथ-साथ भगवान शिव के भी दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था । इसके बाद यह गुफा कहीं लुप्त हो गई और इसकी चर्चा कहीं नहीं हुई । लेकिन जब द्वापर युग में पांडवों ने जन्म लिया तो अपने अज्ञातवास के दौरान उन्होंने इस गुफा को ढूंढ लिया था। स्कंदपुराण में इस बात का जिक्र किया गया है कि महादेव पाताल भुवनेश्वर में रहते हैं और अन्य देवी-देवताओं की हां पूजा करने आते हैं वही पौराणिक कथाओं में इस बात का भी जिक्र है कि कलयुग में इस मंदिर की खोज जगद्गुरु शंकराचार्य ने आठवीं शताब्दी में की थी और यहां उन्होंने तांबे का शिवलिंग भी स्थापित किया था।

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समुद्र तल से 90 फीट नीचे है गुफा का मुख्य द्वार

समुद्र तल से 90 फीट नीचे इस मंदिर के अंदर जाने के लिए प्रवेश करने के लिए एक बेहद पतले रास्ते से जाना पड़ता है ।ऐसा माना जाता है कि भुवनेश्वर मंदिर में भगवान गणेश के कटे हुए सिर को भी स्थापित किया गया था । यहां मौजूद गणेश मूर्ति को आधी गणेश कहा जाता है । इसके अलावा इस गुफा में 4 खंबे भी हैं जो युगो सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलयुग को दर्शाते हैं । आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इनमें पहले तीन आकारों के खंभों में कोई बदलाव नहीं होता लेकिन कलयुग का खंभा लंबाई भी ज्यादा है । इस गुफा में खास बात यह है कि यहां पर स्थित शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ रहा है । ऐसा कहा गया है कि जब यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा तब दुनिया का अंत हो जाएगा । इस गुफा में स्थित भगवान की प्राचीन मूर्तियां आप को एक नई कहानी बयां करती है । परमात्मा ने किस तरह इस दुनिया का अंत लिखा है वह तो वही जानता है । लेकिन दुनिया के अंत की कहानी से मशहूर उत्तराखंड में स्थित यह मंदिर अपने आप में एक रहस्य का पिटारा है ।