Shaktiman Horse Case : उत्तराखंड पुलिस के शक्तिमान घोड़े की मौत के मामले में देहरादून की सीजेएम कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के पक्ष में फैसला लेते हुए जोशी सहित पांच अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया है । बता दें कि, 5 साल पहले यानी 14 अगस्त साल 2016 को विधायक गणेश जोशी बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे । जब पुलिस की ओर से उन्हें रोकने की कोशिश की गई थी तब विधायक जोशी ने पुलिस के घोड़े पर ही वार कर दिया था । उस समय विधायक गणेश जोशी ने शक्तिमान नाम के घोड़े की इतनी पिटाई की थी कि घोड़ा बुरी तरह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा था । विधायक का घोड़े की पिटाई करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और विधायक जोशी की इस मामले में खूब आलोचना भी की गई थी । गौरतलब है विधायक गणेश जोशी को गिरफ्तार किया गया था और विधायक जोशी को कई दिन जेल में भी काटे पड़े थे।
ये भी पढ़ें : गरीबों के लिए वरदान बन रही आयुष्मान योजना, उत्तराखंड में इतने लोग हो चुके हैं लाभान्वित
शक्तिमान को आई थी गंभीर चोट
उस घटना के दौरान शक्तिमान काफी घायल हो गया था शक्तिमान को इतनी गंभीर चोटें आई थी कि कुछ समय बाद सर्जरी कर उसका पैर भी काट दिया गया था । शक्तिमान के लिए दूर-दूर से डॉक्टर इलाज के लिए बुलाये गए थे, लिहाजा उसे नकली पैर भी लगवाया गया था लेकिन इन सबके बावजूद शक्तिमान को नहीं बचाया जा सका 20 अप्रैल साल 2016 को शक्तिमान की मौत हो गई थी ।
Shaktiman Horse Case : पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
उत्तराखंड पुलिस के घोड़े शक्तिमान पर लाठी से हमला करने के आरोप में विधायक गणेश जोशी पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उस समय विधायक गणेश जोशी पक्ष – विपक्ष के निशाने पर आ गए थे । बता दें विधायक गणेश जोशी पर शक्तिमान प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर साल 2016 से कोर्ट की कानूनी प्रक्रिया जारी थी । लंबी कोर्ट प्रक्रिया के बाद आज देहरादून सीजेएम लक्ष्मण रावत की अदालत में साक्ष्य व सबूतों के अभाव के मद्देनजर गणेश जोशी को शक्तिमान प्रकरण में बरी करने का आदेश जारी कर दिया गया है।