Testing Rate in Uttarakhand : उत्तराखंड राज्य में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के खतरे के बीच ही लापरवाही बरती जाने की खबरें भी लगातार सामने आ रही है। खतरे को नजरअंदाज करके जहां लोग बेखौफ होकर बिना मास्क के घूमते हुए देखे जा रहे हैं तो वहीं राज्य में कोरोना सैंपल जांच में भी काफी गिरावट देखने को मिल रही है। आंकड़ों पर यदी नज़र डालें तो बीते 7 दिनों में उत्तराखंड राज्य में सैंपल जांच में 62% की कमी देखने को मिली है।
कोरोना की जांच दर लगातार हो रही कम
कोरोना की रफ्तार ने भले ही प्रदेश में धीमि रफ्तार पकड़ ली हो लेकिन कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। इसकी रोकथाम के लिए भले ही प्रदेश सरकार ने कोरोना कर्फ्यू को आगे बढ़ा दिया हो लेकिल कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य में जांच की दरें लगातार घट रही है। राज्य में प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वर्तमान की बात की जाए तो राज्य में केवल 10 से 15000 सैंपल की जांच की जा रही है । बीते 7 दिनों में राज्य में 106756 सैंपल्स की ही जांच की गई है जो की जांच लक्ष्य से 62% कम बताई जा रही है।
प्रदेश में बढ़ रहा डेल्टा वेरिएंट का खतरा
उत्तराखंड में कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है जहां पिथौरागढ़ में डेल्टा वेरिएंट के तीन मरीज मिले थे तो वहीं सोमवार को कोटद्वार में 1 और मरीज में डेल्टा वेरिएंट की पुष्टी हुई है जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग दहश्त में है। कोरोना के इस बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरीके से अलर्ट मोड़ पर है जिससे डेल्टा वेरिएंट का खतरा प्रदेश में बढ़ ना सके।
Testing Rate in Uttarakhand : प्रदेश में ये है कोराना के ताजा आंकड़े
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे के भीतर कोरोना के 38 मामले सामने आए हैं साथ ही एक मरीज की कोरोना से जूझते हुए मौत भी दर्ज की गई है। लेकिन प्रदेश के लिहाज से खुशखबरी की बात ये रही की सोमवार को 16 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर लौटे हैं। मौजूदा समय की बात की जाए तो अभी भी प्रदेश में 356 कोरोना के एक्टिव केस हैं जिनका इलाज जारी है।
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