दून शहर में सार्वजनिक परिवहन वाहन न केवल काला धुआं उगलकर शहर के पर्यावरण पर बुरा असर डाल रहे, बल्कि शहरवासियों के लिए भी परेशानी बन गए हैं। परिवहन विभाग की टीमों ने जब दून शहर समेत पूरे संभाग में मोबाइल वैन से वाहनों के प्रदूषण की जांच की तो यहां सर्वाधिक वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। दून शहर के बाद सर्वाधिक चालान रुड़की में हुए।
दून में 205 वाहनों का चालान और रुड़की में 171 वाहनों का चालान किया। इसके अतिरिक्त हरिद्वार में 85, विकासनगर में 58 जबकि ऋषिकेश में 44 वाहनों का चालान किया गया।
आरटीओ (प्रवर्तन) डा. अनीता चमोला ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के अंतर्गत देहरादून, ऋषिकेश व काशीपुर में प्रदूषण मुक्त रखने के लिए चुना गया है। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनी कार्ययोजना के अंतर्गत परिवहन विभाग ने दून शहर, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की व विकासनगर में बुधवार और गुरुवार को दिवसीय अभियान चलाकर प्रदूषण जांच कर कार्रवाई की।
दून शहर में मोबाइल वैन से कार्रवाई कर मौके पर ही उन वाहनों काे प्रदूषण-जांच प्रमाण-पत्र जारी किया गया, जिनके प्रमाण-पत्र की वैधता ही खत्म हो चुकी थी।
दो दिवसीय अभियान के अंतर्गत पूरे संभाग में वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र न होने पर 676 वाहनों का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त देहरादून में प्रदूषण चेकिंग लैब एवं अन्य स्थानों पर प्रदूषण जांच केंद्रों के माध्यम से भी सभी प्रकार के वाहन बस, ट्रक, टैक्सी, मैक्सी, लोडर, आटो, विक्रम, कार, दुपहिया आदि के प्रदूषण की जांच की गई। यही नहीं, आइएसबीटी व अन्य मार्गों पर परिवहन निगम की बसों की भी जांच की गई।