Ayushman Yojna : गरीबों के लिए वरदान बन रही आयुष्मान योजना, उत्तराखंड में इतने लोग हो चुके हैं लाभान्वित

Ayushman Yojna : उत्तराखंड में आयुष्मान योजना को तीन साल पूरे हो गए हैं ऐसे में जहां आयुष्मान योजना गरीबों की सहायक बनी है तो वहीं उत्तराखंड को स्वस्थ रखने में भी इस योजना ने अहम भागीदारी निभाई है।

23 सितंबर 2018 को हुआ था योजना का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोच और देश की जनता के प्रति प्रेम का ही नतीजा था कि 23 सितंबर 2018 को अटल आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया गया जिससे अच्छे इलाज व पैसों के आभाव में कोई भी जिन्दगी की जंग को ना हार सके। प्रधानमंत्री की इस योजना से जहां देश के 10 करोड़ लोगों को इसका सीधा फायदा पहुंचा तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड सरकार ने भी केन्द्र की इस योजना में भरपूर सहयोग दिया। उत्तराखंड सरकार द्वारा इस योजना को प्रदेश में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के नाम से शुरू किया गया। जिसके जरिए प्रदेश के 532000 परिवारों को सीधे तौर पर इस योजना का लाभ का लक्ष्य रखा गया था और इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रूपय तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सके इसका प्रावधान भी इस योजना में रखा गया था। मौजूदा समय की बात की जाए तो उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से मरीजों ने 3,41,000 बार अस्पताल में भर्ती होकर निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ लिया है इसी प्रकार पिछले 6 माह के दौरान राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के जरिए 5150 लाभार्थियों द्वारा अस्पताल में भर्ती होने पर निशुल्क उपचार सेवा का लाभ लिया।

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Ayushman Yojna : राज्य के बाहर भी लाभार्थियों को मिल पा रहा है योजना का लाभ

आयुष्मान योजना में नेशनल पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के 27000 से अधिक अस्पतालों में उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड अनुमन्य है। आयुष्मान योजना के अध्यक्ष डी.के. कोटिया ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को नेशनल पोर्टेबिलिटी स्कीम लागू होने से उत्तराखंडवासियों को राज्य के बाहर भी अस्पतालों में इलाज मिल पा रहा है आंकड़ों की बात करें तो अब तक योजना में लाभार्थी 7563 बार राज्य के बाहर सूचीबद्ध चिकित्सालय में भर्ती होकर उपचार करवा चुके हैं। देखिए जिलावार आंकड़े———

जनपदवार इलाज करवाने वाले लाभार्थियों की संख्या

अल्मोड़ा—— 345
बागेश्वर—— 439
चमोली—— 159
चंपावत—— 324
देहरादून—— 657
हरिद्वार—— 983
नैनीताल—— 845
पौड़ी गढ़वाल—— 941
पिथौरागढ़—— 326
रूद्रप्रयाग—— 153
टिहरी गढ़वाल—— 277
उधमसिंहनगर—— 1836
उत्तरकाशी—— 278

कुल संख्या—— 7563

Ayushman Yojna : कोरोना के समय संकटमोचन बनी आयुष्मान योजना

कोरोना महामारी के तांडव के चलते जहां उत्तराखंड में भी लोगों की जान पर बन आई थी तो उस समय भी सरकार की आयुष्मान योजना जनता के लिए आयुष्मान भव: आर्शीवाद बनकर सहायक के तौर पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी दिखी। कोरोना के दौर में आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध चिन्हित अस्पतालों में 2700 से भी अधिक लोगों को निशुल्क उपचार का लाभ मिला, जिस पर 26.50 करोड़ की धनराशी व्यय हुई है।

उत्तराखंड में जहां सरकार की आयुष्मान योजना गरीबों के लिए सहायक के तौर पर काम कर रही है तो वहीं कोरोना के समय इस योजना ने संकटमोचन के तौर पर भी काम किया है जिसके जरिए लोगों की जान तो बच ही पाई साथ ही सरकार ने भी कहीं ना कहीं राहत की सांस जरूर ली है।