पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व स्पीकर कुंजवाल-प्रेमचंद पर साधा निशाना, विधानसभा भर्तियों पर कहीं ये बातें

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधानसभा में नियुक्तियों को लेकर चल रही रार पर अपने और कांग्रेस सरकार के दौरान रहे विधानसभा अध्यक्षों पर निशाना साधा। त्रिवेंद्र ने कहा कि नियुक्तिों पर भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि सभी का समान अधिकार होना चाहिए। त्रिवेंद्र ने विधानसभा में नियुक्तियों पर खुलकर अपनी बात रखी।

पूर्व विस अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान पर त्रिवेंद्र बोले-उन्होंने ये बात किस परिप्रेक्ष्य में कही, ये तो मैं नहीं कहता, लेकिन मैं नहीं समझता कि भाजपा और केंद्रीय नेतृत्व इससे सहमत होगा। त्रिवेंद्र ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री बना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली गया तो उन्होंने एक ही बात कही कि, त्रिवेंद्र मैंने घर परिवार इसलिए नहीं छोड़ा है कि मुझे अपने पराये को देखना है।

मैंने घर परिवार इसलिए छोड़ा है कि मुझे देश को आगे बढ़ाना है। यही उम्मीद मैं आपसे करता हूं और विश्वास करता हूं कि आप इसी अनुरूप अपने राज्य के लिए काम करेंगे। त्रिवेंद्र बोले कि यह कहना कि ऐसा पूर्व में भी हुआ तो मैं भी ऐसा ही करूंगा, सही नहीं है। पूर्ववर्ती सरकार में बोफोर्स घोटाला हुआ था तो क्या हमारा नेता भी ऐसा ही कह सकता है?

इस तरह का उदाहरण देना बिल्कुल गलत है। ऐसा कहकर हम अपने समाज व युवाओं के बीच गलत बीज बो रहे हैं।बकौल त्रिवेंद्र-मैं भी करीब 15 साल तक विधायक, मंत्री व सीएम के रूप में विधानसभा के अंदर रहा। इस दौरान मेरी पूरी कोशिश भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर निर्णय लेने की रही।

जनप्रतिनिधि को परिवार नहीं जनता के प्रतिनिधि रूप में काम करना चाहिए। पारदर्शिता कहने के लिए नहीं, बल्कि अपनाने के लिए है। त्रिवेंद्र ने कहा कि पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल लंबे समय विधानसभा में रहे। भर्तियों को लेकर उनका जो वक्तव्य आया, उसमें घमंड की बू आती है।

कोई भी बुद्धिजीवी, समझदार व्यक्ति और संविधान के ज्ञाता उनके बयान को उचित नहीं ठहराएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन, राजभवन या जहां भी सरकारी खजाने से पैसा जाता है, वहां भर्तियों में पारदर्शिता तो होनी ही चाहिए।