समान नागरिक संहिता के लिए अभी करना होगा इंतजार, कमेटी को गाइडलाइन की दरकरार

समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) का ड्राफ्ट तय करने के लिए गठित समिति ने अभी अपना काम- काज शुरू नहीं किया है। कमेटी को अभी सरकार की तरफ से काम- काज के लिए गाइडलाइन मिलने का इंतजार है। प्रदेश सरकार ने गत सप्ताह ही समान नागरिक संहिता का ड्राफ़्ट तय करने के लिए पांच समदस्य कमेटी का गठन कर दिया है।

पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, उत्तराखंड के रिटायर्ड मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और दून विवि की वीसी प्रो. सुरेखा डंगवाल बतौर सदस्य शामिल हैं। फिलहाल सरकार ने सिर्फ कमेटी का गठन करते हुए विवाह, तलाक, सम्पत्ति का अधिकार, उत्तराधिकार, विरासत, गोद लेने, रख रखाव जैसे कानूनों की समीक्षा का इरादा जाहिर किया है।

लेकिन कमेटी का कार्यकाल या कामकाज और कार्यालय सहित अन्य बातों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। गृह विभाग को इस पर अलग से गाइडलाइन जारी करनी है, इस कारण कमेटी ने फिलहाल काम काज शुरू नहीं किया है। हालांकि कमेटी के सदस्यों ने अनौपचारिक रूप से संवाद करते हुए, इस विषय पर अपना नजरिया साझा किया है।चूंकि देश में इस तरह की यह पहली कसरत है, इसलिए कमेटी के सदस्य सर्तक होकर विचार कर रहे हैं। कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि शासन की विस्तृत गाइडलाइन के बाद ही कमेटी विधिवत काम कर पाएगी। गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।