उत्तराखंड सरकार पांच सालों में राज्य की आय दोगुना करने के उपाय करने जा रही है। इसके लिए सभी विभागों से रिपोर्ट लेने के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी एजेंसी नियुक्ति की जा रही है। सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत राज्य में आय को अगले पांच सालों में दोगुना करने के उपाय किए जाएंगे। आय बढ़ाने के लिए किस विभाग में क्या क्या कदम उठाए जा सकते हैं इस पर सभी विभागों से रिपोर्ट ली जाएगी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी एजेंसी को इसके लिए नियुक्त किया जाएगा।
मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने बताया कि यह एजेंसी कौन सी होगी उसके चयन की प्रक्रिया आगे की जाएगी। विदित है कि राज्य स्थापना के समय से ही उत्तराखंड आर्थिक परेशानियों का सामना करना कर रहा है। राज्य के बजट का साठ प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य समाज कल्याण के तय खर्चों में जा रहा है।
जबकि राज्य में विकास की नई योजनाओं के लिए बजट बहुत कम बच रहा है। एक तरह से राज्य विकास कार्यों के लिए केंद्रीय सहायता और केंद्र सहायतित परियोजनाओं पर निर्भर हो गया है। ऐसे में अब सरकार को अपनी आय बढ़ाने के लिए अलग से उपाय करने पड़ रहे हैं।
जीएसटी में सालाना 5500 करोड़ का नुकसान
राज्य की आय बढ़ाने के लिए सरकार को विशेष प्रयास करने की जरूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि केंद्र सरकार ने इसी साल से उत्तराखंड को मिलने वाली जीएसटी की क्षतिपूर्ति बंद कर दी है। हालांकि यह व्यवस्था पूरे देश में लागू हुई है लेकिन पहले से ही आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे राज्य के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं है। राज्य को सालाना 5500 करोड़ का नुकसान होने का असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ना तय है। इसलिए राज्य को राजस्व के लिए विशेष प्रयास करना पड़ रहा है।