जीएसटी से बचना अब नहीं होगा आसान,शून्य टर्न ओवर वालों की जांच

राज्य कर विभाग ने कुमाऊं में ऐसे व्यापारियों की जांच शुरू कर दी है जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22 में अपना टर्नओवर या तो शून्य दिखाया है या फिर आईटीसी से सेटऑफ किया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हल्द्वानी संभाग में शून्य टर्नओवर वाले व्यापारियों की संख्या 2500 से ऊपर है।

दोनों श्रेणियों में अब तक 1173 की जांच की जा चुकी है। विभागीय टीमों द्वारा किए गए सर्वे के दौरान 155 व्यापारी अपने प्रतिष्ठान पर नहीं मिले।  वहीं व्यापारियों ने इसके विरोध में सोमवार से आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है। जीएसटी विभाग द्वारा इन दिनों व्यापारिक प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिस पर कई व्यापारी संगठन सवाल उठा रहे हैं।

मामले में विभाग का कहना है कि जीएसटी कर प्रणाली स्वत: कर निर्धारण पर आधारित है। सभी रिटर्न ऑनलाइन ही दाखिल किए जाने हैं। ऐसे में कोई व्यापारी जीएसटी से न छूट जाए, इसके लिए जरूरी है कि प्रतिकूल मामलों में विभाग द्वारा कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में राजस्व सुरक्षा की दृष्टि से वर्तमान में 2 श्रेणियों के तहत आच्छादित होने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संबंध में जांच की जा रही है।

पहली श्रेणी में ऐसे व्यापारी शामिल हैं जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में अपना टर्नओवर ‘शून्य’ घोषित किया गया है। यानी कोई व्यापार/खरीद-बिक्री घोषित नहीं की गई है। दूसरी श्रेणी में ऐसे व्यापारी आते हैं जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में कोई भी कर ‘कैश’ के रूप में जमा नहीं किया है। यानी सभी तरह के टैक्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से सेटऑफ/समायोजित किया गया है।

इन्हीं दोनों श्रेणियों के व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का स्पॉट सर्वे किया जा रहा है, जिससे कि ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठान, जो निष्क्रिय हैं या अस्तित्व में नहीं है, उनका पंजीयन रद्द किया जा सके। बताया कि यदि किसी प्रतिष्ठान द्वारा जानबूझ कर केवल टैक्स न भरने के उद्देश्य से ‘शून्य रिटर्न’ दाखिल किया जा रहा है तो संबंधित को नियमों व विधिक प्रावधानों से उसे अगवत कराया जा सके। वहीं, दूसरी श्रेणी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों का स्टॉक सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिससे ये सुनिश्चित हो सके कि संबंधित व्यापारी द्वारा गलत आईटीसी तो घोषित नहीं किया गया है।

विभाग के अधिकारियों ने की सकारात्मक सहयोग की अपील
जीएसटी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर गौरव पंत ने बताया कि अभी तक हल्द्वानी संभाग में शून्य रिटर्न भरने वाले 839 व्यापारियों की जांच की जा चुकी है। वहीं केवल आईटीसी से अपनी करदेयता वाले 334 व्यापारियों का भी सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है। बताया कि 839 में से 155 व्यापारी घोषित व्यापार स्थल पर नहीं पाए गए और 101 पंजीयन निरस्त मिले।

आम व्यापारियों द्वारा सर्वे टीमों का स्वागत किया जा रहा है। यदि दोनों श्रेणियों के किसी व्यापारी के विरुद्ध कोई प्रतिकूलता सामने आती है तो उसे सुनवाई का मौका देकर आगे की कार्रवाई की लाएगी। पंत ने सभी व्यापारियों/संगठनों से सकारात्मक सहयोग की अपील की है।

व्यापारियों का आंदोलन आज से, बोले सर्वे का पुरजोर विरोध किया जाएगा
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की प्रांतीय कार्यकारिणी की रविवार को वर्चुअल बैठक हुई। प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा ने सभी इकाइयों से सोमवार को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जीएसटी सर्वे पर विरोध दर्ज कराते हुए आंदोलन का आगाज करने की अपील की है।  प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंगलवार को अपने-अपने क्षेत्र में प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाए।

गुरुवार को जीएसटी विभाग का पुतला दहन किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शन व्यापक रूप से अपने-अपने बाजार क्षेत्र में किया जाएगा। किसी भी हालत में व्यापारियों को सरकारी शिकंजे से बाहर निकालना होगा और सर्वे का पुरजोर विरोध करना होगा। यह सप्ताह जीएसटी सर्वे छापे के विरोध के रूप में मनाया जा रहा है। अगली रणनीति 30 जुलाई तक तय कर ली जाएगी।

यह सप्ताह जीएसटी छापे के विरोध के रूप में मनाया जाएगा। सोमवार से हर जिले में व्यापारी आंदोलन का आगाज करेंगे।