Mysterious Temples In India : भारत में वैसे तो कई विचित्र और रहस्यमयी मंदिर है लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है जहां देवी मां की मूर्ति तीन पहर में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है और मां की मूर्ति के बदले स्वरूप को देखने के लिए दूर-दूर से लोग मॉं के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं! झांसी के सीपरी में स्थित इस मंदिर का नाम लहर की देवी है इस मंदिर के नाम से जुड़ी कहानी भी स्थानीय लोगों द्वारा बताई जाती है प्रचलित कथाओं के अनुसार कालांतर में पहूज नदी से निकलती लहरें मां के चरणों को छूती है इसलिए मंदिर में स्थापित मां की मूर्ति को लहर की देवी के नाम से जाना जाता है!
Mysterious Temples In India :

Mysterious Temples In India : बुंदेलखंड के चंदेल राज के समय करवाया गया था मंदिर का निर्माण
इस मंदिर का निर्माण बुंदेलखंड के चंदेल राज के समय करवाया गया था यहां के राजा का नाम परमाल देव था राजा के दो भाई थे जिनका नाम आल्हा और उदल था। आल्हा का विवाह महोबा की रानी मछला से करवाया गया था, जिसका अपहरण पथरीगढ़ के राजा ज्वाला सिंह ने कर लिया था। ऐसा कहा जाता है कि आल्हा ने ज्वाला सिंह को पराजित करने के लिए लहर की देवी मॉं से प्रार्थना की थी और भेंट स्वरूप अपने बेटे की बलि इसी मंदिर में चढ़ाई थी लेकिन मां ने बलि को अस्वीकार करते हुए उस बालक को जीवित कर दिया था। ऐसा कहा जाता है की आल्हा ने जिस पत्थर पर अपने पुत्र की बलि दी थी वह पत्थर आज भी इस मंदिर में मौजूद है।
Mysterious Temples In India : मंदिर में तीन पहर बदलती है मॉं की मूरत
इस देवी को मनिया देवी के रूप में भी जाना जाता है कहा जाता है कि यह देवी मां शारदा की बहन है इस मंदिर की खास बात यह है कि यह मंदिर आठ शिला स्तंभों पर खड़ा हुआ है लेकिन इस मंदिर को जो और भी ज्यादा विचित्र और रहस्यमई बनाता है वह ये है कि इस मंदिर में स्थित मूर्ति तीन बार अपना स्वरूप बदलती है कहा जाता है कि मां सुबह के समय में बाल्यावस्था में नजर आती हैं, दोपहर के समय युवावस्था में जबकि शाम के समय देवी प्रौढ़ा स्वरूप में नजर आती है जिसके कारण मां का श्रृंगार दिन में तीन बार किया जाता है। मॉं के इस आलौकिक स्वरूप को निहारने के लिए देश विदेश से लोग यहां आते हैं यही नहीं लहर की देवी नाम से विख्यात इस मंदिर को तंत्र क्रियाओं के लिए भी जाना जाता है।
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Mysterious Temples In India :

Mysterious Temples In India : ऐसा मंदिर जो दिन में दो बार हो जाता है गायब
भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जहां के रहस्य अपने आप ही दांतो तले उंगली चबाने को मजबूर कर देते हैं और इन्हीं रहस्यमयी मंदिरों में से एक मंदिर गुजरात में भी मौजूद है जो दिन में 2 बार गायब हो जाता है। गुजरात में भगवान शिव का एक रहस्यमई मंदिर है जो अपने आप ही दिन में दो बार गायब हो जाता है यही वजह है कि इस मंदिर को गायब मंदिर के नाम से भी जाना जाता है जी हां गुजरात में स्थित भगवान शिव के इस मंदिर का नाम स्तंभेश्वर मंदिर है जहां देश विदेश से लोग इस मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं कहते हैं कि इस मंदिर में जो भी भक्त कोई मनोकामना लेकर आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
Mysterious Temples In India : शिवलिंग अपने आप हो जाता है घायब
स्तंभेश्वर मंदिर गुजरात के जंबूसार तहसील में कवि कंबोई गांव में स्थित है यह मंदिर वडोदरा से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। 150 साल पुराने इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है। स्कंद पुराण के अनुसार स्तंभेश्वर मंदिर में भगवान कार्तिकेय ने ताड़कासुर नाम के राक्षस का वध किया था जिसके बाद भगवान कार्तीकेय ने इस जगह पर एक शिवलिंग स्थापित किया था।
Mysterious Temples In India : मंदिर से जुड़ी कई कथाएं हैं प्रचलित
प्रचलित कथाओं के अनुसार का जाता है कि ताड़कासुर भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था और भगवान को प्रसन्न करने के लिए उसने कठोर तपस्या की जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने ताड़कासुर को वरदान मांगने को कहा जिस पर ताड़कासुर ने भगवान से वरदान मांगा कि मुझे केवल 6 दिन का पुत्र ही मार सके मुझे तो यही वर चाहिए। ऐसे में भगवान शिव तथास्तु कहकर अंतर्ध्यान हो गए इसके बाद ताड़कासुर ने पृथ्वीलोक में आतंक मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद ताड़कासुर के अत्याचार से तीनों लोगों को बचाने के लिए भगवान शिव ने अपने तीसरे नेत्र की ज्वाला से भगवान कार्तिकेय की रचना की इसके बाद भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर उसके आतंक से पृथ्वीलोक की रक्षा की।
Mysterious Temples In India : ऐसा कहा जाता है कि भगवान कार्तिकेय ताड़कासुर की भगवान शिव के प्रति भक्ति से काफी प्रभावित थे और यही कारण है की उन्होंने जिस स्थान पर ताड़कासुर का वध किया उसी स्थान पर एक शिवलिंग भी स्थापित किया ऐसा भी कहा जाता है कि ताड़कासुर का वध करने के बाद भगवान कार्तिकेय खुद को दोषी महसूस कर रहे थे क्योंकि तारकासुर भगवान शिव का परम भक्त था और इस दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान कार्तिकेय ने जिस जगह पर ताड़कासुर का वध किया वहां पर एक शिवलिंग भी स्थापित किया।
Mysterious Temples In India : दिन में रहस्यमयी तरीके से घायब हो जाता है मंदिर
लेकिन अब आपके मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा की आखिर ये मंदिन दिन में दो बार कैसे गायब हो जाता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे की वजह समुद्र का बढ़ता स्तर माना जाता है दरअसल स्तंभेश्वर मंदिर समुद्र के किनारे से कुछ मीटर की दूरी पर स्थित है ऐसे में समुद्र का स्तर दिन में दो बार बढ़ता है जिसके कारण यह मंदिर भी दिन में दो बार जल मग्न होकर गायब हो जाता है।
Mysterious Temples In India : यही वजह है की इस मंदिर की ये रोचकता श्रद्धालुओं को अपने आप ही खींच लाती है और ऐसा कहा जाता है की इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान से कुछ मांगता है तो वो अवश्य पूरा हो जाता है।