Tomato Flu : देशभर में मंकीपॉक्स के मामले मिलने के बाद एक और बीमारी ने अब टेंशन बढ़ाने का काम कर दिया है। इस बीमारी का नाम है टोमैटो फ्लू। एक्सपर्ट्स का कहना है कि केरल में मई महीने से अब तक टोमैटो फ्लू के 82 मरीज मिल चुके हैं। सभी की उम्र 5 साल से कम है। हालांकि अभी दिल्ली-एनसीआर में इसके मामले सामने नहीं आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि टोमैटो फ्लू के लक्षण दिखने पर बच्चों को सात दिनों तक क्वारंटीन कर देना चाहिए। यह फ्लू वयस्कों को भी संक्रमित कर सकता है। प्रतिष्ठित साइंटिफिक जर्नल ‘द लांसेट’ की रिपोर्ट की मानें तो टोमैटो फ्लू का सबसे पहला मामला केरल के कोल्लम जिले में देखा गया था, जिसके बाद यह पूरे क्षेत्र में फैल गया।
टोमैटो फ्लू इस वजह से पढ़ा बीमारी का नाम
मेडिकल टर्मिनोलॉजी में टोमैटो फ्लू या टोमैटो फीवर एक तरह की ‘हैंड, फुट एंड माउथ’ बीमारी है। मतलब इसका असर हाथ, पैर और मुंह पर खासतौर से दिखाई देता है। शोध करने वालों की मानें तो टोमैटो फ्लू में त्वचा पर लाल निशान के साथ बड़े बड़े दाने दिखाई देने लगते हैं। लाल फफोले पड़ने की वजह से इस बीमारी का नाम टोमैटो फ्लू रखा गया है।
Tomato Flu : ये होते हैं टोमैटो फ्लू के लक्षण
टोमैटो फ्लू के लक्षण मंकी पॉक्स और चिकन पॉक्स बीमारी के समान ही होते हैं। ‘द लांसेट’ के अनुसार, भारत में जो मामले सामने आए, उनमें बच्चों के शरीर पर दाने बन गए। टोमैटो फ्लू का नाम पूरे शरीर में होने वाले लाल और दर्दनाक दानों के आधार पर पड़ा है, जो धीरे-धीरे बड़ा होकर टमाटर के आकार का हो जाता है। टोमैटो फ्लू होने पर त्वचा पर चकत्ते भी दिखाई देते हैं। यही नहीं, इस बीमारी में मितली, उल्टी दस्त, थकान, पानी की कमी, जोड़ों की सूजन, शरीर में दर्द व सामान्य इंंफ्लूएंजा जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।