Krishna Janmashtami Uttarakhand : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व नजदीक है जिसको देखते हुए जहां स्थानीय मंदिरों में तैयारियां शुरू कर दी गई है तो वहीं कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाज़ार भी पूरी तरीके से सजने लगे हैं। बाजारों में जहां नन्हें कान्हाओं और राधाओं को सजानें के लिए सुंदर वस्त्र दिखाई दे रहे हैं तो वहीं लड्डू गोपाल को सजाने के लिए भी सुंदर आभूषण और वस्त्र लोगों के मन भा रहे हैं।
झूलों व पोशाकों से गुलजार बाजार
पूरे देश के साथ ही उत्तराखंड राज्य में मंगलवार और बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। जिसको लेकर उत्तराखंड के कई जिलों में बाजार सजने लगे हैं। श्रीकृष्ण भगवान के झूलों व पोशाकों से सजे बाजारों में लोग खूब खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। लेकिन इस बार खास बात ये है की बाजारों से चीन का सामान नदारद दिखाई दे रहा है बल्कि स्वदेशी श्रीकृष्ण जी के झूलों, सिंहासनों, ज्वैलरी और पोशाकों से बाजार सजे दिखाई दे रहे हैं जिनको खरीदने के लिए बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
Krishna Janmashtami Uttarakhand : श्रृंगार के सामान से लेकर पोशाकें भा रही श्रद्धालुओं का मन
बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार का पूरा सामान उपलब्ध है। लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं राधा-कृष्ण की पोशाकें सहित झूला आसन, कपड़े और श्रृंगार के सामान से बाजार पूरी तरह से गुलजार है। जिलों के मुख्य बाजारों में खासी भीड़ नजर आ रही है। कृष्ण के बांसुरी बजाते, पालना में बैठे, माखन खाते कान्हा की प्रतिमा, बालरूप में बांसुरी की तान वाली मुद्रा, मोरपंख धारण किए, नींद में सोते मुद्रा वाली मूर्तियों को श्रद्धालु ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर दुकानदार भी खुश
बाजार में मौजूद भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां जहां श्रद्धालुओं के मन भा रही है तो वहीं दुकानदार इन मूर्तियों से कीमत डेढ़ सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक वसूल रहे हैं जिससे उन्हें कोरोना के समय हुए नुकसान से कुछ हद तक राहत मिल रही है। यही नहीं इसके अलावा पांच हजार रुपये तक की मूर्तियां भी बाजारों में उपलब्ध है जिनको खरीददार काफी पसंद कर रहे हैं।
Krishna Janmashtami Uttarakhand : मंदिरों में भी शुरू हुई तैयारियां
Krishna Janmashtami Uttarakhand : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में भी तैयारियां शुरू कर दी गई है। मंदिरों में रंगाई—पुताई के साथ ही भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों को सजाया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिरों में फूलों की मालाओं से सजावट के साथ ही लड़िया भी लगाई जा रही है जिससे मंदिर की सुंदरता और ज्यादा निखरकर दिखाई दे। यही नही मंदिरों में रखी मूर्तियों को भी साफ किया जा रहा है और साथ ही श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्री कृष्ण को झूला झुलाने के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं।
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