Navratri 2021 Maa Katyayani : मॉं कात्यायनी की पूजा से शादी में आ रही रूकावटें होती हैं दूर, ऐसे करें पूजा

Navratri 2021 Maa Katyayani : आज छठा नवरात्रा है और छठे नवरात्रि के शुभ अवसर पर श्रद्धालु मां दुर्गा के कात्यायनी रुप की पूजा करते हैं । मान्यता ऐसी है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से शादी में आ रही रुकावटें और बाधाएं दूर हो जाती हैं । मां कात्यायनी की पूजा करने से बृहस्पति भगवान प्रसन्न होकर विवाह का योग बना देते हैं । माना यह भी जाता है कि अगर आप सच्चे मन से मां कात्यायनी की पूजा करते हैं तो मैं आपके विवाहित जीवन में भी सुख और शांति प्रदान करती है। पौराणिक मान्यताओं में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कात्यायनी मां की पूजा करने मात्र से ही आपको आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां मिल जाती है । मां कात्यायनी की आराधना सच्चे मन से करने से रोग शोक संताप और किसी भी तरह का भय नष्ट हो जाता है।

Navratri 2021 Maa Katyayani : महर्षि कात्यायन के घर में लिया था पुत्री रुप में जन्म

पौराणिक कथाओं में यह कहा गया है कि महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवती आदिशक्ति ने उनकी पुत्री के रूप में उनके घर में जन्म लिया था और इसलिए उनका नाम कात्यायनी रखा गया । आपको बता दें मां कात्यायनी को ब्रज की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। कहा यह भी जाता है कि श्री कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए गोपियों ने यमुना तट पर मां कात्यायनी की ही पूजा अर्चना की थी । मां भगवती के कात्यायनी सुरूप ने ही अत्याचारी राक्षस महिषासुर का वध कर तीन लोगों को उसके आतंक से मुक्त कराया था।

Navratri 2021 : मां कात्यायनी की पूजा विधि

भगवती के छठे स्वरूप यानी मां कात्यायनी की पूजा विधि ज्यादा कठिन नहीं है । नवरात्रि के छठे दिन को स्नान कर लाल या पीले रंग के वस्त्र पहने । इसके बाद घर के पूजा स्थान या मंदिर में देवी कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और आपने चित्र को स्थापित करने के लिए जो भी जगह चुनी है उसका गंगाजल से छिड़काव अवश्य कर लें । इसके बाद मां की प्रतिमा के सामने धूपबत्ती और दीपक जलाएं और हाथ में फूल लेकर मां को प्रणाम कर उनका ध्यान करें । इसके बाद उन्हें पीले फूल कच्ची हल्दी की गांठ और शहद अर्पित करें पूजा के बाद मां की आरती उतारे और आरती के बाद सभी को मां का प्रसाद वितरित करके स्वयं ग्रहण करें।

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मां कात्यायनी की आरती

जय जय अंबे जय कात्यायनी
जय जग माता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहां वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुख दाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कात्यायनी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुड़ाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
बृहस्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यायनी का धरिए
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी मां को चमन पुकारे
कात्यायनी मां सब कष्ट निवारे ।