Goddess Kalratri Worship : आज नवरात्रि का सातवां दिन है और पुराणों के अनुसार नवरात्रों के साथ में दिन मां भगवती के कालरात्रि स्वरूप की श्रद्धालु पूजा करते हैं । कहते हैं मां कालरात्रि सदैव अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती है और उन्हें शुभ फल देती है और इसलिए कालरात्रि मां का एक नाम शुभंकरी भी है । मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय को दूर कर देती है। ऐसा माना जाता है कि मां कालरात्रि की कृपा पाने के लिए भक्तों को गंगा जल, पुष्प, गंध, पंचामृत, अक्षत से मां की पूजा करनी चाहिए और इसके अलावा आपको मां को गुड़ का भोग भी लगाना चाहिए।
मॉं कालरात्रि की पूजा से होती है मनोकामना पूरी
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से आपकी सारी चिंता दूर हो जाती है और मां आपको काल से बचाती है । इसका मतलब यह होता है कि की मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों की कभी अकाल मृत्यु नहीं होती । पुराणों के अनुसार मां कालरात्रि को सिद्धियों की देवी भी कहा गया है और इसलिए तंत्र मंत्र के साथ है इस दिन देवी की विशेष रूप से पूजा करते हैं। कहा यह भी गया है कि मां कालरात्रि की पूजा करने मात्र से ही आप अपने क्रोध पर विजय प्राप्त कर लेते हैं । मां कालरात्रि को काली मां का स्वरूप माना गया है कहते हैं मां कालरात्रि उत्पत्ति माता पार्वती से हुई थी।
ये भी पढ़ें : सूर्य देव की अराधना से मिलती है नौकरी, जानें कैसे करें पूजा
Goddess Kalratri Worship : ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजन किया जाता है। नवरात्रि के सातवें दिन आपको माता रानी को अक्षत, पुष्प, धूप, गंधक और गुड़ आदि का भोग लगाएं कहते हैं । मां कालरात्रि को रातरानी का पुष्प अति प्रिय है इसलिए ऐसा माना गया है कि मां कालरात्रि को रातरानी का पुष्प अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा मां को लाल रंग की चुनरी चढ़ाए और पूजन के बाद मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करके उनकी आरती करें।
कालरात्रि जय जय महाकाली
काल के मुंह से बचाने वाली
दुष्ट संहारक नाम तुम्हारा
महा चंडी तेरा अवतार
पृथ्वी और आकाश पे सारा
मां काली है तेरा पसारा
खंडक खप्पर रखने वाली
दुष्टों का लहू चखने वाली
कोलकाता स्थान तुम्हारा
सब जगह देखूं तेरा नजारा
सभी देवता सब नर नारी
गावे स्तुति सभी तुम्हारी
रक्त दंता और अन्नपूर्णा
कृपा करें तो कोई भी दुख ना
ना कोई चिंता रहे बीमारी
ना कोई गम ना संकट भारी
उस पर कभी कष्ट ना आवे
महाकाली मां जिसे बचावे
तू ही भक्तों प्रेम से कह
कालरात्रि माता जय