आईटीबीपी (ITBP) की 23वीं बटालियन में ठेकेदारों के जरिए खरीदे जाने वाले सामान में बड़े घपले का खुलासा हुआ है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के बाद घपले में शामिल तत्कालीन बटालियन कमांडेंट समेत चार नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सीबीआई देहरादून शाखा में केस दर्ज किया गया है। जिन तीन फर्म के जरिए घपला हुआ वह तीनों एक ही व्यक्ति की हैं।
सीबीआई में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, सामान सप्लाई में यह घपला वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2019 के बीच हुआ। इस दौरान बटालियन के कमांडेंट अशोक कुमार गुप्ता थे। आरोप है कि उन्होंने सामान की सप्लाई में शामिल कुछ अन्य कर्मचारियों से मिलीभगत कर यह फर्जीवाड़ा किया।
तेल का एक टैंकर भेजा, दो दिखा दिए: मुकदमे के मुताबिक, चमोली जिले के माणा के लिए तेल का एक टैंकर भेजा गया। जबकि, दो टैंकर दिखाकर 7.16 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान कैश में कर दिया गया। अब तक की जांच के मुताबिक, यह सब एक व्यक्ति से मिल कर किए जाने की बात सामने आई।
वह अपनी तीन फर्म के जरिए आईटीबीपी को जरूरी चीजों की सप्लाई करता है। मामला सामने आने के बाद इसे लेकर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बैठी। जिसमें अन्य कई गड़बड़ियां मिलीं। पाया गया कि बॉर्डर पोस्ट में जाने वाली सप्लाई में यह गड़बड़ियां की गईं।
कोर्ट आफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट पर वर्तमान कमांडेंट ने सीबीआई को लिखित तहरीर दी। जिस पर सीबीआई दून शाखा में केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर सुनील लखेड़ा को मामले की जांच सौंपी गई है। सीबीआई की जांच में इस मामले में कई और कर्मचारी भी घेरे में आ सकते हैं। संबंधित खबर P02
ये बनाए गए हैं मुकदमे में आरोपी
अशोक कुमार गुप्ता, तत्कालीन कमांडेंट 23वीं बटालियन।
सुधीर कुमार, सब इंस्पेक्टर आईटीबीपी।
अनुसूया प्रसाद, एसआई आईटीबीपी।
साजिद निवासी सहारनपुर,सामान सप्लाई करने वाली फर्म से जुड़ा।