सीएम पुष्कर सिंह धामी के लिए अपनी विधायक की कुर्बानी देने वाले चंपावत के पूर्व विधायक कैलाशचंद्र गहतोड़ी को ईनाम मिल गया। उन्हें राज्य के सबसे महत्वपूर्ण निगमों में शामिल वन निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। सरकार ने गहतोड़ी को मंत्री स्तर का दर्जा दिया है।
सचिव नितेष कुमार झा ने गुरुवार को गहतोड़ी की नियुक्ति के आदेश जारी किए। आदेश के कुछ ही घंटे गहतोड़ी नए दायित्व का प्रभार भी संभाल लिया। विधानसभा चुनाव के दौरान खटीमा से चुनाव हारने के बावजूद भाजपा हाईकमान ने धामी को ही सीएम के रूप में रिपीट करने का निर्णय किया था।
भाजपा यह चुनाव धामी के चेहरे पर ही लड़ी थी। सीएम बनने के बाद धामी को छह महीने के भीतर सदस्य का सदस्य बनना था। हालांकि कई विधायक उनके लिए सीट छोड़ने के लिए तैयार थे। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने भी अपनी सीट छोड़ने का इशारा कर दिया था।
लेकिन धामी ने गहतोड़ी का भावनाओं का सम्मान करते हुए चंपावत को ही चुना। धामी के लिए सीट छोड़ने के बाद गहतोड़ी वहां चुनाव प्रचार में भी समर्पित होकर जुटे रहे थे। धामी ने इस सीट को ऐतिहासिक अंत के साथ जीता है। पहले दिन से माना जा रहा था कि गहतोड़ी के बलिदान का कर्ज धामी जल्द ही चुकाएंगे।
वन निगम ही मिलता है कुर्बानी के तोहफे के रूप में
कैलाश चंद्र गहतोड़ी तीसरे विधायक हैं जिन्हें सीएम के लिए सीट छोड़ने पर वन विकास निगम का ताज तोहफे में मिला है। इससे पहले वर्ष 2002 में तत्कालीन सीएम नारायण दत्त तिवारी के लिए रामनगर विधायक योगबंर सिंह रावत सीट ने छोड़ी थी। तब उन्हें भी वन विकास निगम ही दिया गया था।
इसके बाद वर्ष 2014 में तत्कालीन सीएम हरीश रावत के लिए धारचूला विधायक हरीश धामी ने सीट छोड़ दी थी। उपचुनाव में जीत के बाद हरीश रावत ने धामी को वन विभाग सौंप दिया था। वर्ष 2012 में तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा के लिए सीट छोड़ने वाले सितारगंज विधायक किरन मंडल जरूर अपवाद हैं। उन्हें वन विकास निगम की जगह कुमाऊं मंडल विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया था।
विधानसभा चुनाव-2022 में खटीमा विधानसभा सीट से हारे थे सीएम धामी
विधानसभा चुनाव 2022 में भले ही भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला हो, लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी अपनी सीट नहीं बचा पाए थे। कांग्रेस के भुवन कापड़ी न उन्हें खटीमा विधानसभा सीट से हराया था। भाजपा हाईकमान ने सीएम धामी के हारने के बाद भी उनपर भरोजसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री कुर्सी सौंपी थी। सीएम धामी के लिए करीब छह से ज्यादा विधायकों ने अपनी-अपनी सीट खाली करने की पेशकश की थी।
चंपावत में जीत दर्ज कर तोड़े सारे रिकॉर्ड
चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी के सीट खाली करने के बाद सीएम धामी चंपावत से उप चुनाव में उतरे थे। सीएम धामी ने उपचुनाव में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। उपचुनाव में कांग्रेस की निर्मला गहतोड़ी सहित कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे। सीएम धामी ने विधानसभा सत्र से ठीक एक दिन पहले 13 जून को विधायकी शपथ ली थी।