CJI Chandrachud News : सुप्रीम कोर्ट में उद्योगिग शराब पर कर लगाने और उसे विनिनमित करने की राज्य की शक्ति से संबंधित मुद्दे पर सुनवाई हो रही थी । मुख्य न्यायाधीश इस पीठ की अध्यक्षता कर रहे थे । जिसमें चीफ जस्टिस अलावा जस्टिस ऋषिकेश राय, जस्टिस एएस ओका, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस जेबी पादरीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस उज्जवल भुइया जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल थे ।
अब हुआ यह की बहस के दौरान सीजीआई ने सुनवाई रोक दी। जिस सीजीआई ने ऐसा किया उस समय सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अपनी दलील पेश कर रहे थे ।
वहीं सुनवाई रोक सीजीआई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि आपका युवा जूनियर वकील हर दिन लैपटॉप लेकर खड़े रहते हैं । कोर्ट मास्टर देखेंगे कि क्या वह उन्हें तुरंत आपके पीछे बिठा सकते हैं.”सीजीआई ने कोर्टमासटर को कहा कि वह आपके पीछे स्कूल लगा दे ताकि वह भी बैठ सके ।
इस पर सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि वह सुनवाई देख रहे हैं इसके बाद जस्टिस चंद्रचूड़ ने कोट में मौजूद सभी वकीलों से कहा कि जो लोग इस केस से संबंधित नहीं है वे इन युवा वकीलों के लिए कुर्सी खाली कर दे । बता दे कि इसके बाद लंच ब्रेक हो गया।
वही जब मामले की सुनवाई दोबारा शुरू हुई तो सीजीआई ने कुछ ऐसा कर दिया कि सब हैरान रह गए। दरअसल चीफ जस्टिस इस दौरान नौ जजों के बीच अपनी चेयर पर ना बैठकर नीचे युवा वकीलों के बीच जाकर स्कूल पर बैठ गए। यह वाक्य देख वह सब हैरान रह गए ।
दरअसल चीफ जस्टिस के निर्देश पर ही कोर्ट रजिस्ट्री ने युवा वकीलों के लिए लंच के दौरान कोर्ट रूम में स्कूल लगवाई थी । इसलिए सीजीआई ने उन स्टूलों पर खुद बैठकर देखा कि क्या यह युवा वकीलों के लिए सही है या नहीं उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं।