Chirbatiya Nature Festival : प्रकृति व पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग माने जाने वाले रुद्रप्रयाग चिरबटिया में एक बार फिर चिरबटिया नेचर फेस्टिवल का आयोजन शुरू हो गया है, दुर्लभ पक्षी मानी जाने वाली चीर फीजेंट के नाम से रुद्रप्रयाग के चिरबटिया जगह का नाम पड़ा है, आम धारणा है कि चीर फीजेंट कश्मीर व नेपाल में पाए जाते हैं लेकिन रुद्रप्रयाग के चिरबटिया में ये पक्षी आसानी से दिख जाता है, इसके साथ ही यहां जंगलों व गांवो के आसपास करीब 150 से ज्यादा प्रजाति की पक्षियाँ रहती हैं, यही कारण है कि दुनिया भर के बर्ड वॉचर के लिए चिरबटिया आकर्षण का केंद्र बन रहा है, इसके साथ ही यहां ईको टूरिज्म, हिमालय व्यू, ट्रेकिंग व जंगल कैम्पिंग की भी अपार संभावना है, यही कारण है कि इस बार वन विभाग द्वारा आयोजित चिरबटिया नेचर फेस्टिवल 100 से ज्यादा बर्ड वॉचर पहुच चुके हैं, ओर यहां के नेचर के देख गदगद दिख रहे हैं।
बा वन विभाग द्वारा चिरबटिया को ईको टूरिज्म का हब बनाने के लिए वर्षो से काम किया जा रहा है, विभाग द्वारा प्रतिवर्ष चिरबटिया में नेचर व बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है, ओर धीरे धीरे चिरबटिया एक ईको टूरिस्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है यहां आने वाले बर्ड वॉचर मानते हैं कि अगर कनेक्टिविटी के संसाधन मजबूत किये जायें तो चिरबटिया में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।
यही नही चिरबटिया से ट्रेकिंग कर अपने मखमखी बुग्याल के लिए विश्व प्रसिद्ध पंवाली बुग्याल आसानी से जाया जा सकता है, रुद्रप्रयाग वन विभाग के डीएफओ बताते हैं कि चिरबटिया को ईको पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने के लिए वन विभाग बड़ा रोडमैप तैयार कर रहा है।
ईको टूरिष्म के क्षेत्र में अपार संभावनाओं से भरे चिरबटिया धीरे धीरे पर्यटकों के बीच अपनी अलग पहचान बना रहा है।