चावल सहित अनाजों पर GST से बचने को निकला तोड़, व्यापारी ऐसे बचा रहे हैं टैक्स

नए नियम और कानून सही से लागू होने से पहले बाजार में उसका तोड़ आ जाता है। चावल सहित अन्य अनाज पर जीएसटी लागू होने के बाद भी ऐसा ही हुआ है। सरकार ने 25 किलोग्राम तक अनाज के पैक पर 5 फीसदी जीएसटी लगाई है। लेकिन, टैक्स बचाने के लिए मिल संचालक भार बढ़ाकर चावल का कट्टा बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।

पुराने छपे 25 किग्रा कट्टों का स्टॉक खत्म होने के बाद नए 26 किग्रा के कट्टों में सप्लाई देने की योजना है। हल्द्वानी के किराना कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल चावल के 25 किग्रा के कट्टे अब 26 किग्रा भार के साथ आएंगे। ऐसा होने से कारोबारी और सामान्य व्यापारी 5 फीसदी जीएसटी से बच जाएंगे। साथ ही टैक्स को लेकर होने वाले पचड़े से भी राहत मिलेगी।

25 किग्रा के चावल कट्टे में 1 एक किग्रा भार बढ़ने से टैक्स के रूप में दिए जाने वाले 37.5 रुपये बच जाएंगे। इससे व्यापारियों को राहत मिलने के साथ उपभोक्ता को राहत मिलेगी।  बड़ी कंपनियों की ओर से  निकाले जाने वाले चावल के 1 किग्रा से 10 किग्रा तक के पैकेटों में 5 फीसदी जीएसटी लागू रहेगा। इधर कम चावल, दाल, आटा पैकेट बंद लेने के बजाए खुला लेने पर भी ग्राहकों के ऊपर टैक्स का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।

चावल के 25 किग्रा के कट्टे अब भार बढ़कर आने की चर्चा है। ऐसी सूचनाएं सप्लायर की ओर से आ रहे हैं। अभी पुराना स्टॉक निकाल रहे हैं और भार बढ़कर आने से टैक्स का भार कम हो जाएगा।
डॉ. प्रमोद अग्रवाल, मंडल महामंत्री, किराना उद्योग व्यापार मंडल

चावल के जो कट्टे 25 किलोग्राम में आते थे अब नई खेप 26 किलोग्राम की आने जा रही है। मिलों के स्तर से ऐसी सूचना मिल रही है। इसका फायदा ग्राहकों को भी मिलेगा।