30 जून को देशभर में विरोध करेंगे किसान, भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष नरेश टिकैत का ऐलान

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के पदाधिाकरी और कार्यकर्ता 30 जून को देशभर में अग्निपथ भर्ती योजना का विरोध करेंगे। इसे लेकर जनपद स्तर पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन भी देंगे।

लालकोठी पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय किसान कुंभ सम्मेलन में पहुंचे नरेश टिकैत ने कहा कि अग्निपथ के विरोध में शनिवार को हरिद्वार में लालकोठी से लेकर वीआईपी घाट तक किसान पैदल मार्च कर इस योजना का विरोध कर रहे युवाओं को अपना समर्थन देंगे।

उन्होंने किसानों की एकता पर जोर देते हुए सरकार से किसानों के साथ किए गए सभी वादों को पूरा कराए जाने की मांग की। भाकियू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में भाकियू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्षों को भी मनोनीत किया गया।

जबकि राजपाल शर्मा को भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार मनमोहन सिंह और संचालन ओमपाल मलिक ने किया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और संख्या में किसान मौजूद रहे।

अग्निपथ का विरोध शांति पूर्ण होना चाहिए: राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन (टिकैट गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि देशभर में केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर विरोध किया जा रहा है। यह विरोध हिंसात्मक न होकर शांतिपूर्ण होना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन भी अग्निपथ योजना का विरोध करती है।

सरकार को समझना चाहिए कि अग्निपथ योजना के तहत चार साल तक नौकरी करने वाले युवा इसके बाद कहां जाएंगे। अग्निपथ में चार साल की नौकरी करने के बाद युवा आत्महत्या ही करेंगे। लालकोठी पर आयोजित किसान महाकुंभ और चिंतन शिविर के दूसरे दिन पत्रकारों से वार्ता करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि पर्यावरण के चलते लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की है।ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह मेडिकल फैसिलिटी को और अधिक बढ़ाए। सरकार को इंटर तक की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को फ्री में देनी चाहिए। स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम तरह की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को भी नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसान महाकुंभ में गन्ने की फसल का बकाया भुगतान, बिजली, पानी और एमएसपी को कानूनी रूप दिए जाने की मांगों को भी उठाया। साथ ही उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट बनाए जाने की भी मांग किसान यूनियन द्वारा उठाई जा रही है।

हरिद्वार में किसानों ने भरी हुंकार
हरिद्वार। हरिद्वार में चल रहे भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय कुंभ के दूसरे दिन किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की युवा और किसान विरोधी नीतियों की विरोध में हुंकार भरी। किसान नेताओं ने कहा कि इस वक्त देश में हर वर्ग परेशान है। युवाओं को रोजगार देने के बजाए अब उन्हें ठेके पर रखने की स्कीम लाई जा रही है।

शुक्रवार को हरिद्वार के लालकोठी में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े किसानों ने ने अपनी समस्याओं को रखा। इस मौके पर सरकार की नीतियों की आलोचना की गई। साथ ही किसानों की एकजुटता पर जोर दिया गया। मालूम हो कि गुरुवार को किसान यूनियन के कुभ के उद्घाटन मौके पर राकेश टिकैत ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा था कि किसान इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे।

ताकि सरकार युवाओं का हक न मार सके। उन्होंने कहा कि किसान का बेटे को पहले खेते से दूर किया गया और अब अग्निपथ योजना लाकर उसके फौज से भी दूर किया जा रहा है, जो किसानों को मंजूर नहीं है। उन्होंने पूछा कि इन हालात में किसान का बेटा आखिर करेगा क्या।