2025 तक लैंगिक असमानता को खत्म करने का संकल्प, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने बताया प्लान

साहित्य, खेल, संस्कृति, शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन पर तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी पुरस्कार के लिए के लिए चुनी गई 47 महिलाओं को सोमवार को सम्मानित किया गया। सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयेाजित पुरस्कार वितरण समारोह में  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने पुरस्कार और प्रमाणपत्र बांटे।

तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता को 31 हजार रुपये और आंगनबाडी पुरस्कार विजेता को 21 हजार रुपये दिए गए हैं। इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हर क्षेत्र विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं। यदि उन्हें और उनके स्वयं सहायता समूहों को तकनीकि और आर्थिक सहयोग और मिल जाए तो वो प्रदेश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर ही बदल सकती हैं।

राज्यपाल ने महिलाओं से आह्वान किया कि वो डिजीटल तकनीकि से भी जुड़े। इस सेक्टर में अपनी शिक्षा बढ़ाएं। डिजीटल से जुड़कर उनकी क्षमता एक अलग ही ऊंचाई हासिल कर सकती हैं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने सभी विजेताओं से आह्वान किया कि वो भी वीरांगना तीलू रौतेली के समान समाज के लिए प्रेरणा बनें।

सभी लोग वर्ष 2025 तक प्रदेश से लैंगिक असमानात को खत्म करने का भी संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं हर क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहीं हैं। पुरूषों को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। जब वो शक्ति को धारण करते हैं तभी पूर्ण होते हैं।

आर्य ने आंगनबाड़ी कर्मियों से हर घर तिंरगा अभियान में पूरी शिददत से जुड़ने की अपील की। कहा कि  आंगनबाड़ी कर्मी ही इस अभियान को शतप्रतिशत सफलता दिला सकती हैं। हर आंगनबाडी कर्मी ध्वज फहराए और अपनी सेल्फी विभागीय वेबसाइट पर दर्ज करे। राजपुर विधायक खजानदास ने भी विचार रखे। विभागीय सचिव एचसी सेमवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।

प्रेमा विश्वास के पास खुद जाकर दिया पुरस्कार
राज्यपाल और काबीना मंत्री ने यूएसनगर से तीलू पुरस्कार से सम्मानित प्रेमा विश्वास व्हील चेयर पर बैठकर कार्यक्रम में आईं थी। प्रेमा को नीचे देख राज्यपाल और मंत्री स्वयं नीचे उतरे और प्रेमा के पास जाकर उसे पुरस्कार दिया।

तीलू रौतेली सम्मान
डा. शशि जोशी (अल्मोड़ा),
दीपा आर्य (बागेश्वर)
मीना तिवाड़ी (चमोली)
मंजूबाला (चम्पावत)
नलिनी गोसाईं (देहरादून)
प्रियंका प्रजापति (हरिद्वार)
विद्या महतोलिया (नैनीताल)
सावित्री देवी (पौड़ी)
दुर्गा खड़ायत (पिथौरागढ़)
गीता रावत (रुद्रप्रयाग)
लता नौटियाल (उत्तरकाशी)
प्रेमा विश्वास (यूएस नगर)