राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) का नरेंद्रनगर स्थित पुराने भवन में रखा रिकार्ड और फर्नीचर गायब हो गया। वर्ष 2015 में इस इमारत के पांच कमरे खाली कर राजकीय डिग्री कालेज को दे दिए गए थे और बाकी कमरों में रिकार्ड व फर्नीचर रखा था।
सात साल बाद बेखबर एससीईआरटी अफसरों को अपनी संपत्ति के खुर्दबुर्द होने की जानकारी मिली तो अब हड़कंप मचा है। एडी-एससीईआरटी डॉ. आरडी शर्मा ने चार सदस्यीय टीम बनाई है। इस कमेटी को सोमवार को नरेंद्रनरनगर जाकर जांच करनी होगी। इसके बाद 27 जुलाई को टीम ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल इंटर कॉलेज का भी मुआयना करेगी।
कमेटी में जेडी-प्रशासन मदन सिंह रावत, उपनिदेशक विक्रम सिंह नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विमल सिंह रावत, प्रवक्ता आईटी शिवप्रकाश वर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जगदंबाप्रसाद कगडियाल को रखा गया है। सूत्रों के अनुसार 12 ज्यादा बड़ी आलमारियों में एससीईआरटी का रिकॉर्ड यहां रखा हुआ था, जो नहीं मिल रहा है।
यह है मामला
स्थानीय लोगों के विरेाध के बावजूद वर्ष 2012 में एससीईआरटी को नरेंद्रनगर से देहरादून शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में एससीईआरटी मुख्यालय तपोवन स्थित राजीव नवोदय स्कूल परिसर में कुछ कमरों में चल रहा है। देहरादून में भवन मिलने की उम्मीद में एससीईआरटी काफी कुछ रिकार्ड वहीं छोड़ दिया गया। इस बीच वर्ष 2015 में नरेंद्रनगर में डिग्री कालेज मंजूर हो गया। इसे शुरू करने के लिए प्रशासन ने एससीईआरटी भवन के पांच कमरे ले लिए।
शिक्षा विभाग ने पांच कमरे डिग्री कालेज को देते हुए बाकी कमरों में अपना सामान रख लिया और फिर भूल गए। अभी हाल में टिहरी के सीईओ ने एससीईआरटी प्रशासन को बताया कि जिन कमरों में एससीईआरटी का रिकार्ड था उनका ताला तोड़कर सामने कहीं और रख दिया गया है। लेकिन कहां रखा गया है, किसी को पता नहीं।
डिग्री कालेज भी अपना भवन बनने के बाद वहां शिफ्ट हो गया है। इस इमारत को हेरीटेज बिल्डिंग की तरह सुरक्षित करने की जानकारी मिली है। लेकिन विभाग को जानकारी दिए बिना सारा रिकॉर्ड हटाना गंभीर विषय है। इसकी जांच की जा रही है।