माँ गंगा के शीतकालीन निवास स्थल मुखवा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पतित पावनी मां गंगा की पूजा-अर्चना चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम में भले ग्रीष्मकाल के छह माह होती हो, लेकिन उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखीमठ याने कि मुखवा गांव में मां गंगा की पूजा-अर्चना बारह माह होती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसी गांव में स्थित गंगा मंदिर में मां गंगा की पूजा-अर्चना की।

जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से करीब 80 किमी की दूरी पर गंगोत्री हाईवे पर स्थित हर्षिल से मुखवा गांव करीब 3 किमी की दूरी पर स्थित है। जो कि अनादि काल से मां गंगा का शीतकालीन प्रवास स्थल है। आदि गुरु शंकराचार्य ने जिन चार मठों की स्थापना की थी, उनमें से एक मुखीमठ अर्थात मुखवा गांव माना जाता है।

गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित भी मुखवा गांव से आते हैं। ग्रीष्मकाल में अक्षय तृतीया के पर्व पर जब गंगोत्री धाम के कपाट देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाते हैं तो उनकी भोग मूर्ति उनके शीकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव स्थित गंगा मंदिर से ही धाम के लिए रवाना होती है, जिसे गांव के ग्रामीण बेटी की तरह विदा करते हैं। फिर जब शीतकाल में गंगोत्री धाम के कपाट बंद होते हैं तो मां गंगा की भोग मूर्ति को शोभा यात्रा के साथ मुखवा स्थित गंगा मंदिर में लाया जाता है।