देहरादून: केंद्र सरकार ने देश में जाति जनगणना यानी जातियों के आधार पर गणना कराने का फैसला लिया है. जिस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया दी है. सीएम धामी का मानना है कि इससे समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में मदद मिलेगी. वहीं, जातिगत जनगणना को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों भी लिया.
बता दें कि मोदी कैबिनेट ने बुधवार यानी 30 अप्रैल को जाति जनगणना का फैसला लिया. आज राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की ओर से लिए गए निर्णयों की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जनगणना केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जातियों की गणना की है. ऐसे में फैसला लिया गया है कि जाति गणना को आगामी जनगणना में शामिल किया जाना चाहिए.
जाति जनगणना को लेकर सीएम धामी ने दी प्रतिक्रिया: वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जाति जनगणना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र के दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना के साथ जातीय जनगणना के निर्णय को स्वीकृति दी है. जो एक ऐतिहासिक और दूरगामी सोच का परिचायक है.
यह फैसला न केवल सामाजिक न्याय की भावना को बल देगा. बल्कि, देश की विविधतापूर्ण संरचना को समझने और सभी वर्गों के संतुलित विकास के ठोस नीति निर्माण में भी सहायक साबित होगा. उन्होंने कहा कि यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को और ज्यादा मजबूती प्रदान करती है.