गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी में वर्चस्व को लेकर जंग जारी, जानें क्या है पूरा मामला

हरिद्वार की गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी में वर्चस्व को लेकर जंग जारी है। अधिकारियों की आपसी खींचतान के चलते करीब सवा सौ साल पुरानी यूनिवर्सिटी की साख पर बट्टा लग रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और बीजेपी के सांसद सत्यपाल सिंह को पद से हटा दिया गया है। यूनिवर्सिटी की स्पॉन्सर बॉडी कहीं जाने वाली आर्य प्रतिनिधि सभाओं ने सत्यपाल सिंह पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटा दिया है। सत्यपाल सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में लोकसभा सांसद हैं। सत्यपाल सिंह को हटाए जाने के बाद यूनिवर्सिटी के अधिकारी और कर्मचारी इसे गलत कदम बता रहे हैं।

सारा विवाद करीब 2 महीने पहले शुरू हुआ था। जब यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रूप किशोर शास्त्री ने रजिस्ट्रार सुनील कुमार को पद से हटा दिया था। उसके बाद कुलाधिपति ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए कुलपति रूप किशोर शास्त्री को सस्पेंड कर दिया। इसके बाद रूप किशोर शास्त्री पर लग रहे अनियमितताओं के आरोपों की जांच भी यूजीसी की टीम ने की। 30 दिसंबर को यूजीसी की रिपोर्ट के आधार पर सत्यपाल सिंह ने निलंबित कुलपति रूप किशोर शास्त्री को पद से बर्खास्त कर दिया था।

नियुक्ति और बर्खास्तगी के खेल में यूनिवर्सिटी में शीर्ष पदों पर बैठे लोगों लोगों में वर्चस्व की जंग खुलकर सामने आ रही है। संस्थान और आर्य समाज से जुड़े पुराने लोग इसे यूनिवर्सिटी के साख के लिए गलत और स्वामी श्रद्धानंद के आदर्शों के उलट बता रहे हैं। गुरुकुल कांगड़ी यूनिवर्सिटी योग और वैदिक शिक्षा के लिए विख्यात है। हालांकि समय-समय पर प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों के आपसी टकराव यूनिवर्सिटी की साख पर बट्टा लगाते रहते है। संस्थान का मौजूदा घटनाक्रम आर्य समाज के संत और इसके संस्थापक स्वामी श्रद्धानंद के आदर्शों के मुताबिक बिल्कुल भी नहीं है।